मंगलायतन विवि सिर्फ शिक्षा का केंद्र नहीं, जीवन को नई दिशा देने का माध्यम

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-नवदीक्षा कार्यक्रम का चौथा दिवस उमंग व प्रेरणा के साथ संपन्न
ज्ञान, अनुशासन व नई उम्मीदों के साथ मंगलायतन विश्वविद्यालय का नवदीक्षा 2025 (ओरिएंटेशन) कार्यक्रम अपने चैथे दिन प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय में बीबीए, एमबीए, होटल मैनेजमेंट, बीए, एमए, बीएड, पत्रकारिता, विधि जैसे विविध पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले नए विद्यार्थियों का स्वागत हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन व विश्वविद्यालय के कुलगीत की स्वर लहरियों से हुआ। सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों ने नए सफर की शुरुआत के अविस्मरणीय क्षण महसूस किए।


कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने का माध्यम है। उन्होंने कहा उच्च शिक्षा डिग्री तक सीमित नहीं है, यह आपके विचारों, दृष्टिकोण और व्यक्तित्व को गढ़ने का साधन है। यहां बिताया हर पल आपके भविष्य की मजबूत नींव रखेगा। कुलसचिव ब्रिगेडियर समरवीर सिंह ने अनुशासन और समर्पण की महत्ता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सफलता की राह मेहनत और ईमानदारी से होकर गुजरती है। स्वागत भाषण में डायरेक्टर एडमिशन प्रो. सौरभ कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय हर विद्यार्थी को उसके सपनों तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है। यहां केवल पढ़ाई नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता के हर आयाम पर ध्यान दिया जाएगा। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अनुराग शाक्य ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रो. राजीव शर्मा, प्रो. आरके शर्मा, प्रो. दिनेश पांडे, प्रो. सिद्धार्थ जैन, डा. अशोक उपाध्याय, डा. पूनम रानी, डा. दीपशिखा, डा. संतोष गौतम, डा. हैदर अली, डा. जितेंद्र यादव आदि थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में महाप्रबंधक एडमिशन अनुराग आनंद पांडेय, सह महाप्रबंधक एडमिशन मयंक प्रताप सिंह, प्रशासनिक अधिकारी गोपाल राजपूत आदि का सहयोग रहा। संचालन डा. दीपिका बांदिल ने किया।

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